Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
नदृष्ट न श्रुतं वापि युद्धमेतादृशं नृप । यथा तव सुतानां च पाण्डवानां च भारत,भारत! नरेश्वर! पाण्डवों और आपके पुत्रोंका उस दिन जैसा भयानक युद्ध हुआ, वैसा न कभी देखा गया है और न सुना ही गया है
sañjaya uvāca |
na dṛṣṭaṃ na śrutaṃ vāpi yuddham etādṛśaṃ nṛpa |
yathā tava sutānāṃ ca pāṇḍavānāṃ ca bhārata ||
संजय बोले—हे नरेश! हे भारत! आपके पुत्रों और पाण्डवों के बीच जैसा युद्ध उस दिन हुआ, वैसा न कभी देखा गया है और न सुना ही गया है।
संजय उवाच