भीष्मस्य जलप्रार्थना — अर्जुनस्य पर्जन्यास्त्रप्रयोगः — दुर्योधनं प्रति सन्ध्युपदेशः
Bhīṣma’s request for water; Arjuna’s Parjanya-astra; counsel to Duryodhana on reconciliation
शल्यस्तु नवभिर्बाणैर्भीमसेनमताडयत् । कृतवर्मा त्रिभिर्बाणै: कृपश्च नवशभि: शरै:,शल्यने नौ बाणोंसे भीमसेनको गहरी चोट पहुँचायी। फिर कृतवर्मने तीन और कृपाचार्यने उन्हें नौ बाण मारे
śalyas tu navabhir bāṇair bhīmasenam atāḍayat | kṛtavarmā tribhir bāṇaiḥ kṛpaś ca navaśabhiḥ śaraiḥ ||
शल्य ने नौ बाणों से भीमसेन को घायल किया। फिर कृतवर्मा ने तीन बाणों से और कृपाचार्य ने नौ शरों से उन्हें बेधा।
संजय उवाच