अर्जुन–उलूपीसंवादः
Arjuna and Ulūpī: Explanation of Śānti and the Maṇipūra Resolution
पराजितो<स्मि भद्ठ ते नाहं योद्धुमिहोत्सहे । यद् यत् कृत्यं मया तेड्द्य तद् ब्रूहि कृतमेव तु
वीरवर! आपका कल्याण हो। मैं आपसे परास्त हो गया; अब यहाँ युद्ध करने का उत्साह नहीं रखता। आज आपको मुझसे जो-जो सेवा लेनी हो, वह बताइये—उसे किया हुआ ही समझिये।
वैशम्पायन उवाच