Abhimanyunidhana-prakāśaḥ — Vasudeva–Kṛṣṇa–Subhadrā–Kuntī śoka-saṃvāda
Disclosure and Consolation
वैशम्पायन उवाच इत्युक्त: पुण्डरीकाक्ष: पित्रा मातुस्तदन्तिके । शशंस कुरुवीराणां संग्रामे निधनं यथा
वैशम्पायनजी कहते हैं—माता के निकट पिता ने इस प्रकार पूछने पर कमलनयन श्रीकृष्ण ने कौरव वीरों के संग्राम में मारे जाने का प्रसंग यथावत् रूप से सुनाना आरम्भ किया।
वैशम्पायन उवाच