Yudhiṣṭhira’s Grief, Kṛṣṇa’s Consolation, and Vyāsa’s Admonition (युधिष्ठिरशोक-निवारणोपदेशः)
श्रुताश्ष॒ राजधर्मास्ति भीष्माद् भागीरथीसुतात् । कृष्णद्वैपायनाच्चैव नारदाद् विदुरात् तथा,“आपने गंगानन्दन भीष्मसे राजधर्मोका वर्णन सुना है। श्रीकृष्णद्वैपायन व्यास, देवर्षि नारद और विदुरजीसे कर्तव्यका उपदेश श्रवण किया है
śrutāś ca rājadharmās te bhīṣmād bhāgīrathī-sutāt | kṛṣṇa-dvaipāyanāc caiva nāradād vidurāt tathā ||
आपने भागीरथीपुत्र भीष्म से राजधर्म सुना है; तथा कृष्णद्वैपायन व्यास, देवर्षि नारद और विदुर से भी कर्तव्य का उपदेश प्राप्त किया है।
वैशम्पायन उवाच