युधिष्ठिरप्रश्नः—विश्वामित्रस्य ब्राह्मणत्वकौतूहलम् | Yudhiṣṭhira’s Inquiry on Viśvāmitra’s Attainment of Brāhmaṇya
हरिश्रन्द्रक्रतौ देवांस्तोषयित्वा55त्मतेजसा । पुत्रतामनुसम्प्राप्तो विश्वामित्रस्य धीमत:
हरिश्चन्द्र के यज्ञ में अपने तेज से देवताओं को संतुष्ट करके वह शुनःशेप बुद्धिमान विश्वामित्र का पुत्रभाव प्राप्त कर गया।
युधिछिर उवाच