उपदेशदोषप्रसङ्गः (Upadeśa-doṣa-prasaṅgaḥ) — The Risk of Misapplied Counsel
एवं तवोग्रं हि तप उपदेशेन नाशितम् । पुरोहितत्वमुत्सृज्य यतस्व त्वं पुनर्भवे
evaṁ tavograṁ hi tapa upadeśena nāśitam | purohitattvam utsṛjya yatasva tvaṁ punarbhave ||
इस प्रकार उपदेश देने के कारण आपकी उग्र तपस्या नष्ट हो गयी। अतः पुरोहितत्व को छोड़कर आप पुनर्भव के लिये—संसार-बंधन से पार होने के लिये—फिर से प्रयत्न कीजिये।
पुरोहित उवाच