ययाति-देवयानी-शर्मिष्ठा विवादः — Śukra’s Curse and the Disclosure of Lineage
वृषपर्वैव तद् वेद शक्रो राजा च नाहुष: । अचिन्त्य ब्रह्म निर्टन्ड्मैश्वरं हि बल॑ मम,इस बातको वृषपर्वा, देवराज इन्द्र तथा राजा ययाति जानते हैं। निर्दधन्द्र अचिन्त्य ब्रह्म ही मेरा ऐश्वर्ययुक्त बल है
vṛṣaparvaiva tad veda śakro rājā ca nāhuṣaḥ | acintyaṃ brahma nirdvandvam aiśvaraṃ hi balaṃ mama ||
शुक्र बोले—इस बात को केवल वृषपर्वा, देवराज इन्द्र और राजा नहुष जानते हैं। मेरा ऐश्वर्ययुक्त बल तो अचिन्त्य, अद्वितीय ब्रह्म ही है।
शुक्र उवाच