प्रविशध्व॑ बिल पुत्रा विश्रब्धा नास्ति वो भयम् । श्येनेन मम पश्यन्त्या हृत आखुर्महात्मना,अतः बच्चो! तुमलोग विश्वासपूर्वक बिलमें घुसो। वहाँ तुम्हारे लिये भय नहीं है। महान् बाजने मेरी आँखोंके सामने ही चूहेका अपहरण किया था
Vaiśampāyana uvāca: praviśadhvaṁ bilaṁ putrā viśrabdhā nāsti vo bhayam | śyenena mama paśyantyā hṛta ākhur mahātmanā ||
बच्चो! निश्चिन्त होकर बिल में प्रवेश करो; वहाँ तुम्हें कोई भय नहीं है। उस महात्मा बाज ने मेरी आँखों के सामने ही चूहे को उठा लिया था।
वैशम्पायन उवाच