देवसत्रे मृत्युनिरोधः, पूर्वेन्द्राणां मानुषावतरणम्, द्रौपदी-वरकथनम्
Suspension of Death at the Devasatra; Former Indras’ Human Descent; Draupadī’s Boon Etiology
बाद्यां तेजस्तदाजय्यं मन्यमानो महारथ: । वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! अर्जुनकी यह बात सुनकर महारथी कर्ण ब्राह्मतेजको अजेय मानता हुआ उस समय युद्ध छोड़कर हट गया
vaiśampāyana uvāca — janamejaya! arjunasya vacanaṃ śrutvā mahārathaḥ karṇaḥ brāhma-tejasaḥ ajeyatvaṃ manyamānaḥ tadā yuddhāt nivavṛte.
वैशम्पायन बोले—जनमेजय! अर्जुन की बात सुनकर महारथी कर्ण ने ब्राह्मतेज को अजेय मानते हुए उस समय युद्ध से हटकर निवृत्त हो गया।
वैशम्पायन उवाच