बकवधोत्तर-प्रशमनम् | Post-slaying Stabilization after Baka’s Death
कक ऑिक । | ५ ४2-- “+ हक 8 न ; | 3 ६ े दर जज ब्द्ध दर 3 <#्नड)/2)॥29क- [] ७.९ ५५०९५... (९! ५३ ऊर्ध्वाड्गुलि: स कण्डूयन् धुन्वन् रूक्षान् शिरोरुहान् जृम्भमाणो महावकत्र: पुन: पुनरवेक्ष्य च,तब अंगुलियोंको ऊपर उठाकर सिरके रूखे बालोंको खुजलाता और फटकारता हुआ वह विशाल मुखवाला राक्षस पाण्डवोंकी ओर बार-बार देखकर जँभाई लेने लगा
ūrdhvāṅgulīḥ sa kaṇḍūyan dhunvan rūkṣān śiroruhān | jṛmbhamāṇo mahāvaktraḥ punaḥ punar avekṣya ca ||
तब अंगुलियों को ऊपर उठाकर सिर के रूखे बालों को खुजलाता और फटकारता हुआ वह विशाल मुखवाला राक्षस पाण्डवों की ओर बार-बार देखकर जँभाई लेने लगा।
वैशम्पायन उवाच