Jatugṛha-dāhānantara-vṛttāntaḥ
Aftermath of the Lac House Fire
क्षत्रियेभ्यश्व ये जाता ब्राह्मणास्ते च ते श्रुता: । विश्वामित्रप्रभूतयः प्राप्ता ब्रह्म॒त्वमव्ययम्,'कितने ही ब्राह्मण क्षत्रियोंसे उत्पन्न हुए हैं, उनका नाम तुमने भी सुना ही होगा तथा विश्वामित्र आदि क्षत्रिय भी अक्षय ब्राह्मणत्वको प्राप्त हो चुके हैं
kṣatriyebhyaś ca ye jātā brāhmaṇās te ca te śrutāḥ | viśvāmitra-prabhūtayaḥ prāptā brahmatvam avyayam ||
क्षत्रियों से उत्पन्न हुए कितने ही ब्राह्मणों के विषय में तुमने भी सुना होगा; और विश्वामित्र आदि क्षत्रिय भी अक्षय ब्राह्मणत्व को प्राप्त हो चुके हैं।
वैशम्पायन उवाच