अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
शूद्रावत्स्यात्तु गोपान्नं विना गव्यचतुष्टयम् / तैलाज्यगुडसंयुक्तं पक्वं वैश्यान्न दुष्यति
śūdrāvatsyāttu gopānnaṃ vinā gavyacatuṣṭayam / tailājyaguḍasaṃyuktaṃ pakvaṃ vaiśyānna duṣyati
गोप का अन्न शूद्र के समान माना जाए, यदि उसमें गौ-उत्पन्न चार वस्तुएँ न हों; परन्तु तेल, घी और गुड़ से संयुक्त होकर पका हुआ वैश्य का अन्न दूषित नहीं होता।