अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
प्रवृत्तिमकरोदादौ सृष्टिस्थितिलयात्मिकाम् / तत्प्रवृत्त्या प्रवर्तन्ते तन्निवृत्त्याक्षयां गतिम्
pravṛttimakarodādau sṛṣṭisthitilayātmikām / tatpravṛttyā pravartante tannivṛttyākṣayāṃ gatim
आदि में उसने सृष्टि, स्थिति और लय-स्वरूप प्रवृत्ति को प्रकट किया। उसी प्रवृत्ति से प्राणी कर्म में प्रवृत्त होते हैं और उसकी निवृत्ति से अक्षय गति (मोक्ष) को प्राप्त होते हैं।