अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
जन्माद्याहारमथननिद्राभीत्यश्च सर्वदा / आहारेण विना जन्तुर्नाहारो मदनात्स्मृतः
janmādyāhāramathananidrābhītyaśca sarvadā / āhāreṇa vinā janturnāhāro madanātsmṛtaḥ
जन्म से ही सदा आहार, मैथुन, निद्रा और भय—ये रहते हैं। आहार के बिना प्राणी नहीं टिकता; और आहार भी मदन से ही स्मृत है।