Steya-doṣa-nirūpaṇa (On the Nature and Gravity of Theft) — within the Hayagrīva–Agastya Saṃvāda frame
मम प्रभावाद्भविता परिहारं वदामि ते / निराहारो महातीर्थेस्नात्वा नित्यं हि सांबिकम्
mama prabhāvādbhavitā parihāraṃ vadāmi te / nirāhāro mahātīrthesnātvā nityaṃ hi sāṃbikam
मेरे प्रभाव से इसका परिहार होगा; मैं तुम्हें उपाय बताता हूँ। निराहार रहकर महातीर्थ में स्नान करो और नित्य सांबिक (देवी) का पूजन करो।