ललितोपाख्याने जप-न्यास-योगप्रकरणम्
Lalitopākhyāna: Procedure of Japa, Nyāsa, and Yogic Installation
सर्वाद्या रञ्जिनी शक्तिः सर्वाद्योन्मादिनी तथा / सर्वार्थसाधिनी शक्तिस्सर्वाशापूरिणी तथा
sarvādyā rañjinī śaktiḥ sarvādyonmādinī tathā / sarvārthasādhinī śaktissarvāśāpūriṇī tathā
वह आद्य शक्ति सबको रंजित करने वाली है, और आद्य ही उन्मादिनी भी। वह समस्त प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली तथा सब आशाओं को पूर्ण करने वाली है।