Dīkṣā-bhedaḥ (Types of Initiation) — Lalitopākhyāna: Hayagrīva–Agastya Dialogue
प्रसादभूमिः श्रीदेव्या भुक्तिमुक्त्योः स भाजनम् / अमन्त्रं वा समत्रं वा कामाक्षीमर्चयन्ति ये
prasādabhūmiḥ śrīdevyā bhuktimuktyoḥ sa bhājanam / amantraṃ vā samatraṃ vā kāmākṣīmarcayanti ye
श्रीदेवी की कृपाभूमि वही है; वही भोग और मोक्ष का पात्र है—जो मंत्र के बिना या मंत्र सहित कामाक्षी की अर्चना करते हैं।