Pratisarga-pravartana (How Re-Creation Proceeds) / पुनःसर्ग-प्रवर्तन
तावत्कोटिसहस्राणि वर्षाणि दिवि मोदते / ब्रह्मसायुज्यगो भूत्वा दैवतैः सह मोदते
tāvatkoṭisahasrāṇi varṣāṇi divi modate / brahmasāyujyago bhūtvā daivataiḥ saha modate
उतने ही करोड़ों-हजारों वर्षों तक वह स्वर्ग में आनंद करता है। ब्रह्म-सायुज्य को प्राप्त होकर वह देवताओं के साथ भी रमण करता है।