Mantrarāja-sādhana Prakāra & Tripurā/Lalitā–Kāmākṣī Tattva
Lalitopākhyāna Context
सदाशिवस्तु सर्वात्मा सच्चिदानन्दविग्रहः / अकर्तुमन्यथा कर्तुं कर्तुमस्या अनुग्रहात्
sadāśivastu sarvātmā saccidānandavigrahaḥ / akartumanyathā kartuṃ kartumasyā anugrahāt
सदाशिव सर्वात्मा हैं, सच्चिदानन्द-स्वरूप हैं। उनकी अनुग्रह-कृपा से जो न किया जा सके, वह भी किया जा सकता है और जो हो, वह भी अन्यथा हो सकता है।