ललितोपाख्याने मन्त्रतारतम्यकथनम्
Hierarchy of Mantras in the Lalitopākhyāna
मुक्ता ध्येया शशिजोत्स्ना धवलाकृतिरंबिका / रक्तसंध्यकरोचिः स्याद्वशीकरणकर्मणि
muktā dhyeyā śaśijotsnā dhavalākṛtiraṃbikā / raktasaṃdhyakarociḥ syādvaśīkaraṇakarmaṇi
अम्बिका को मोती-सी, चन्द्रज्योत्स्ना-सी धवल आकृति में ध्यान करना चाहिए। वशीकरण कर्म में वह रक्त संध्या के समान कान्ति वाली होती है।