ललितोपाख्याने मन्त्रतारतम्यकथनम्
Hierarchy of Mantras in the Lalitopākhyāna
इन्द्रगोपक संकाशो द्वितीयो मनुखण्डकः / नीभालनीये ऽहश्चक्रे आबालान्तज्वलच्छिखः
indragopaka saṃkāśo dvitīyo manukhaṇḍakaḥ / nībhālanīye 'haścakre ābālāntajvalacchikhaḥ
दूसरा मनुखण्डक इन्द्रगोपक (लाल कीट) के समान वर्ण वाला है। अहश्चक्र में वह देखने योग्य है और बाल से अन्त तक ज्वलन्त शिखा-सा प्रकट होता है।