ललितोपाख्याने मन्त्रतारतम्यकथनम्
Hierarchy of Mantras in the Lalitopākhyāna
परिधाय पटौ शुद्धे कौसुम्भौ वाथ वारुणौ / आचम्य प्रयतो विद्वान्हृदि ध्यायन्परांबिकाम्
paridhāya paṭau śuddhe kausumbhau vātha vāruṇau / ācamya prayato vidvānhṛdi dhyāyanparāṃbikām
शुद्ध वस्त्र—कुसुम्भ रंग के या वारुण (नील) रंग के—धारण करे। आचमन करके संयमी विद्वान हृदय में पराम्बिका का ध्यान करे।