महापद्माटव्यार्घ्यस्थापनकथनम्
Establishing the Arghya in the Mahāpadmāṭavī
अन्तरं त्रयमेतत्तु चक्रं त्रैलोक्यमोहनम् / एतस्मिञ्छक्तयो यासु ता उक्ताः प्रकटाभिधाः
antaraṃ trayametattu cakraṃ trailokyamohanam / etasmiñchaktayo yāsu tā uktāḥ prakaṭābhidhāḥ
यह तीन अन्तरों वाला चक्र त्रैलोक्य को मोहित करने वाला है। इसमें जिन शक्तियों का निवास है, वे प्रकट नामों से कही गई हैं।