Ṣoḍaśāvaraṇa-cakre Rudrāṇāṃ Nāma-sthāna-nirdeśa
Rudras in the Sixteen-Enclosure Chakra
अथो मरकताकारे शाले तत्सप्तयोजने / प्राकारो विद्रुमाकारः प्रातरर्यमपाटलः
atho marakatākāre śāle tatsaptayojane / prākāro vidrumākāraḥ prātararyamapāṭalaḥ
फिर सात योजन विस्तार वाली, मरकत-सी दीप्तिमान शाला में—उसका प्राकार विद्रुम के समान था और प्रातःकाल के अरुण-आभा वाले पाटल पुष्प-सा वर्ण रखता था।