Śrīpura-Nirmāṇa-Prastāva (Inquiry into Śrīpura and its Construction) / “The Proposal to Build Śrīpura”
गोपुरद्वारकॢप्तं च द्वारे द्वारे च संमितिः / आरकूटस्यान्तराले सप्तयोजनदूरतः
gopuradvārakḷptaṃ ca dvāre dvāre ca saṃmitiḥ / ārakūṭasyāntarāle saptayojanadūrataḥ
गोपुरों के द्वार सुव्यवस्थित थे और प्रत्येक द्वार पर उचित माप-नाप की व्यवस्था थी। आरकूट के अन्तराल में वह स्थान सात योजन की दूरी पर था।