भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
निशश्वास वहञ्शर्वः पाण्डुरं गण्डमण्डलम् / बाष्पायमाणो विरही संतप्तो धैर्यविप्लवात् / भूयोभूयो गिरिसुतां पूर्वदृष्टामनुस्मरन्
niśaśvāsa vahañśarvaḥ pāṇḍuraṃ gaṇḍamaṇḍalam / bāṣpāyamāṇo virahī saṃtapto dhairyaviplavāt / bhūyobhūyo girisutāṃ pūrvadṛṣṭāmanusmaran
शर्व (शिव) निश्वास छोड़ते हुए, गालों का मंडल पीला पड़ गया। विरह से वह आँसुओं से भर उठा और धैर्य के डगमगाने से संतप्त होकर बार-बार पूर्व में देखी हुई गिरिसुता का स्मरण करता रहा।