भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
नियमानखिलांस्त्यक्त्वा त्यक्तधैर्यः शिवः कृतः / तामेव पार्वतीं ध्यात्वा भूयोभूयः स्मरातुरः
niyamānakhilāṃstyaktvā tyaktadhairyaḥ śivaḥ kṛtaḥ / tāmeva pārvatīṃ dhyātvā bhūyobhūyaḥ smarāturaḥ
समस्त नियमों को त्यागकर और धैर्य भी खोकर शिव को कामातुर कर दिया गया। वह पार्वती का ही ध्यान करते हुए बार-बार उसी का स्मरण करने लगा।