भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
तेनाद्रिवंशे धृतजन्मलाभां कन्यामुमां योजयितुं प्रवृत्ताः / एवं स्मरं प्रेरितवन्त एव तस्यान्तिकं घोर तपःस्थितस्य
tenādrivaṃśe dhṛtajanmalābhāṃ kanyāmumāṃ yojayituṃ pravṛttāḥ / evaṃ smaraṃ preritavanta eva tasyāntikaṃ ghora tapaḥsthitasya
तब वे पर्वतवंश में जन्म पाई कन्या उमा का उससे विवाह कराने को प्रवृत्त हुए और घोर तप में स्थित उसके समीप कामदेव को इसी प्रकार प्रेरित करने लगे।