प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
प्रणष्टे गन्धतन्मात्रे तोयावस्था धरा भवेत् / आपस्तदा प्रविष्टास्तु वेगवत्यो महास्वनाः
praṇaṣṭe gandhatanmātre toyāvasthā dharā bhavet / āpastadā praviṣṭāstu vegavatyo mahāsvanāḥ
जब गन्ध-तन्मात्रा नष्ट हो जाती है, तब पृथ्वी जल-स्वरूप हो जाती है। तब वेगवती और महान् नाद करने वाली आपः उसमें प्रविष्ट होती हैं।