प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
स्वात्मन्यवस्थितश्चापि विरूपाख्येन लिख्यते / इत्येतल्लक्षणं प्रोक्तं समासाज्ज्ञान मोक्षयोः
svātmanyavasthitaścāpi virūpākhyena likhyate / ityetallakṣaṇaṃ proktaṃ samāsājjñāna mokṣayoḥ
स्वात्मा में स्थित होकर भी वह ‘विरूप’ नाम से वर्णित किया जाता है। इस प्रकार ज्ञान और मोक्ष के लक्षण संक्षेप में कहे गए।