प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
संसारे विनिवृत्ते तु मुक्तो लिङ्गेन मुच्यते / निःसंबन्धो ह्यचैतन्यः स्वात्मन्येवावतिष्ठते
saṃsāre vinivṛtte tu mukto liṅgena mucyate / niḥsaṃbandho hyacaitanyaḥ svātmanyevāvatiṣṭhate
संसार से निवृत्त होने पर मुक्त पुरुष लिङ्ग (सूक्ष्म देह) से भी छूट जाता है। वह असंबद्ध, अचेतन-सा होकर अपने आत्मस्वरूप में ही स्थित रहता है।