प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
यथेदं कुरुते व्यक्तं सुसूक्ष्मं विश्वमीश्वरः / अव्यक्तं ग्रसते व्यक्तं प्रत्याहारे च कृत्स्नशः
yathedaṃ kurute vyaktaṃ susūkṣmaṃ viśvamīśvaraḥ / avyaktaṃ grasate vyaktaṃ pratyāhāre ca kṛtsnaśaḥ
जिस प्रकार ईश्वर इस अत्यन्त सूक्ष्म विश्व को व्यक्त रूप में प्रकट करता है, उसी प्रकार प्रत्याहार में अव्यक्त तत्त्व सम्पूर्णतः व्यक्त को निगल लेता है।