प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
इति श्रीब्रह्माण्डे महापुराणे वायुप्रोक्ते उत्तरभागे चतुर्थ उपसंहारपादे शिवपुरवर्णनं नाम द्वितीयो ऽध्यायः सूत उवाच प्रत्याहारं प्रवक्ष्यामि परस्यान्ते स्वयंभुवः / ब्रह्मणः स्थितिकाले तु क्षीणे तस्मिंस्तदा प्रभोः
iti śrībrahmāṇḍe mahāpurāṇe vāyuprokte uttarabhāge caturtha upasaṃhārapāde śivapuravarṇanaṃ nāma dvitīyo 'dhyāyaḥ sūta uvāca pratyāhāraṃ pravakṣyāmi parasyānte svayaṃbhuvaḥ / brahmaṇaḥ sthitikāle tu kṣīṇe tasmiṃstadā prabhoḥ
इस प्रकार श्रीब्रह्माण्ड महापुराण के वायु-प्रोक्त उत्तरभाग के चतुर्थ उपसंहारपाद में ‘शिवपुर-वर्णन’ नामक दूसरा अध्याय। सूत बोले—मैं स्वयंभू ब्रह्मा के परम-अन्त में होने वाले प्रत्याहार का वर्णन करूँगा, जब प्रभु के स्थितिकाल में वह क्षीण हो जाता है।