प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
क्षेत्रज्ञे निर्गुणे शुद्धे शान्ते क्षीणे निरञ्जने / व्यपेतसुखदुःखे च निरुद्धे शान्तिमागते
kṣetrajñe nirguṇe śuddhe śānte kṣīṇe nirañjane / vyapetasukhaduḥkhe ca niruddhe śāntimāgate
जब क्षेत्रज्ञ निर्गुण, शुद्ध, शान्त, क्षीण (अहंकारादि से रहित) और निरञ्जन हो; तथा सुख-दुःख से परे, निरुद्ध और शान्ति को प्राप्त हो—