प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
अस्तिनास्तीति सो ऽन्यो वा इहामुत्रेति वा पुनः / एकत्वं वा पृथक्वं वा क्षेत्रज्ञः पुरुषो ऽपि वा
astināstīti so 'nyo vā ihāmutreti vā punaḥ / ekatvaṃ vā pṛthakvaṃ vā kṣetrajñaḥ puruṣo 'pi vā
‘है’ या ‘नहीं है’, ‘वह अन्य है’, ‘यहाँ है या परलोक में’—फिर ‘एक है या पृथक्’—ऐसे विकल्पों में क्षेत्रज्ञ पुरुष भी (विचरता है)।