भण्डपुत्रशोकः (Bhaṇḍa’s Lament for His Sons) — Lalitopākhyāna Episode
अमराणां कृते को ऽयं किमस्माकं भविष्यति / वृथा कलकलं कृत्वा न फलं युद्धकर्मणा
amarāṇāṃ kṛte ko 'yaṃ kimasmākaṃ bhaviṣyati / vṛthā kalakalaṃ kṛtvā na phalaṃ yuddhakarmaṇā
देवताओं के लिए यह सब किस हेतु? हमारा क्या होगा? व्यर्थ कोलाहल मचाकर युद्ध करने से कोई फल नहीं मिलता।