भण्डपुत्रशोकः (Bhaṇḍa’s Lament for His Sons) — Lalitopākhyāna Episode
विशुक्र उवाच देवकि प्राकृत इव प्राप्तः शोकस्य वश्यताम् / लपसि त्वे प्रति सुतान्प्राप्तमृत्यून्महाहवे
viśukra uvāca devaki prākṛta iva prāptaḥ śokasya vaśyatām / lapasi tve prati sutānprāptamṛtyūnmahāhave
विशुक्र बोला—‘देवकि! तुम तो साधारण जन की भाँति शोक के वश में आ गए हो। तुम अपने पुत्रों के लिए विलाप कर रहे हो, जो महायुद्ध में मृत्यु को प्राप्त हुए।’