विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
दण्डिनी मन्त्रिणी चैव शक्तयो ऽन्याश्च कोटिशः / संत्येव समरे कर्तुं वत्से त्वं किं प्रमाद्यसि
daṇḍinī mantriṇī caiva śaktayo 'nyāśca koṭiśaḥ / saṃtyeva samare kartuṃ vatse tvaṃ kiṃ pramādyasi
दण्डिनी, मन्त्रिणी और अन्य असंख्य शक्तियाँ भी हैं जो समर में कार्य कर सकती हैं; वत्से, तुम क्यों प्रमाद करती हो?