विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
अग्निप्राकारवलयं शमयामश्च रंहसा / दुर्विदग्धां तां ललितां बन्दीकुर्मश्च सर्वरम्
agniprākāravalayaṃ śamayāmaśca raṃhasā / durvidagdhāṃ tāṃ lalitāṃ bandīkurmaśca sarvaram
हम वेग से उस अग्नि-प्राकार के घेर को भी शांत कर देंगे और उस दुर्दम्य ललिता को भी सर्वथा बंदी बना लेंगे।