विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
विम्रष्टव्यमिदं कार्यं प्रवृत्तिस्तत्र कीदृशी / महादेव्याश्च हृदये कः प्रसंगः प्रवर्तते
vimraṣṭavyamidaṃ kāryaṃ pravṛttistatra kīdṛśī / mahādevyāśca hṛdaye kaḥ prasaṃgaḥ pravartate
इस विषय का विचार करना चाहिए—वहाँ की स्थिति कैसी है? महादेवी के हृदय में कौन-सा प्रसंग चल रहा है?