विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
एकौघस्य प्रसारेण युद्धं कर्तुं महाबलः / चतुर्बाहुमुखान्पुत्रांश्चतुर्जलधिसन्निभान्
ekaughasya prasāreṇa yuddhaṃ kartuṃ mahābalaḥ / caturbāhumukhānputrāṃścaturjaladhisannibhān
एक ही प्रचण्ड प्रवाह के विस्तार से वह महाबली युद्ध करने को उद्यत हुआ। उसने चार भुजाओं और मुखों वाले, चार समुद्रों के समान पुत्रों को आगे किया।