भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
क्व सत्त्वमस्मद्बाहुनां क्वेयं दुर्ल्ललिता वधूः / अकाण्ड एव विधिना कृतो ऽयं निष्ठुरो विधिः
kva sattvamasmadbāhunāṃ kveyaṃ durllalitā vadhūḥ / akāṇḍa eva vidhinā kṛto 'yaṃ niṣṭhuro vidhiḥ
हमारी भुजाओं का पराक्रम कहाँ, और यह कोमल-ललिता वधू कहाँ? बिना कारण ही विधाता ने यह निष्ठुर विधान कर दिया है।