भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
यथा पश्चात्कलकलं श्रुत्वाग्रेवर्तिनी चमूः / नागच्छति तथा चक्रे कुटिलाक्षो महारणम्
yathā paścātkalakalaṃ śrutvāgrevartinī camūḥ / nāgacchati tathā cakre kuṭilākṣo mahāraṇam
जैसे पीछे का कोलाहल सुनकर आगे बढ़ती हुई सेना आगे नहीं बढ़ती, वैसे ही कुटिलाक्ष ने महायुद्ध रच दिया।