भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
मद्भृत्यनाममात्रेण विद्रवन्ति दिवौकसः / तादृशानामिहास्माकमागतो ऽयं विपर्ययः
madbhṛtyanāmamātreṇa vidravanti divaukasaḥ / tādṛśānāmihāsmākamāgato 'yaṃ viparyayaḥ
मेरे सेवकों का नाम मात्र सुनकर ही देवगण भाग खड़े होते हैं; ऐसे हम लोगों के लिए यहाँ यह उलटा फेर कैसे आ गया!