भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
क्रमेण बहुलीभूतं प्रससार महत्तमः / त्रियामावामनयना नीलकञ्चुकरोचिषा
krameṇa bahulībhūtaṃ prasasāra mahattamaḥ / triyāmāvāmanayanā nīlakañcukarociṣā
क्रमशः वह महान् तम घना होकर फैल गया; मानो त्रियामा अपने वामनयनों को नील कञ्चुक की कान्ति से ढँक रही हो।