भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
दत्तावलंबनमिव स्त्रीणां कर्णोत्पलत्विषि / एकीभूतमिव प्रौढदिङ्नागमिव कज्जले / आबद्धमैत्रकमिव स्फुरच्छाद्वलमण्डले
dattāvalaṃbanamiva strīṇāṃ karṇotpalatviṣi / ekībhūtamiva prauḍhadiṅnāgamiva kajjale / ābaddhamaitrakamiva sphuracchādvalamaṇḍale
स्त्रियों के कर्णोत्पल-दीप्ति में मानो सहारा दिया गया हो; कज्जल में मानो प्रौढ़ दिङ्नाग एकाकार हो गया हो; और चमकते हरित तृण-मण्डल में मानो मैत्री का बन्धन बँध गया हो।