भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
कुञ्जेषु पिण्डितमिव प्रधावदिव संधिषु / उज्जिहानमिव क्षोणीविवरेभ्यः सहस्रशः
kuñjeṣu piṇḍitamiva pradhāvadiva saṃdhiṣu / ujjihānamiva kṣoṇīvivarebhyaḥ sahasraśaḥ
वह तम कुंजों में मानो गुथा हुआ, संधियों में मानो दौड़ता हुआ, और पृथ्वी के विवरों से सहस्रों बार मानो उगलता हुआ प्रतीत हुआ।