भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
श्रुत्वोदन्तं महाराज्ञी कृपापाङ्गेन सैक्षत / तदालोकनमात्रेण व्रणो निर्व्रणतामगात्
śrutvodantaṃ mahārājñī kṛpāpāṅgena saikṣata / tadālokanamātreṇa vraṇo nirvraṇatāmagāt
वृत्तान्त सुनकर महारानी ने करुणा-भरी दृष्टि से उसे देखा। उसके केवल दर्शन मात्र से ही वह घाव निरघाव हो गया।