भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
दैत्यशस्त्रव्रणस्यन्दिशोणितप्लुतविग्रहाः / नित्याः श्रीललितां देवीं प्रणिपेतुर्जयोद्धताः
daityaśastravraṇasyandiśoṇitaplutavigrahāḥ / nityāḥ śrīlalitāṃ devīṃ praṇipeturjayoddhatāḥ
दैत्य-शस्त्रों के घावों से बहते रक्त में लथपथ शरीर वाली, विजय से उन्मत्त नित्याएँ श्रीललिता देवी को दण्डवत् प्रणाम करने लगीं।